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Tulsi pujan diwas 2022 kab hai tulsi pujan diwas aur kaise kare iski puja | तुलसी पूजन दिवस पर कल इस विधि-विधान से करें पूजा, कभी नहीं होगी पैसों की तंगी

तुलसी पूजन दिवस 2022: हिंदू धर्म में तुलसी पूजन का बहुत अधिक धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि जो लोग तुलसी पूजन के दिन तुलसा मां की पूजा करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। तो आइए जानते हैं कब है तुलसी पूजन दिवस और कैसे करें इस दिन पूजा।

कल तुलसी पूजन के दिन इस विधि से करें पूजा, कभी नहीं होगी धन की कमी

तुलसी पूजन दिवस 2022 कब है?

छवि क्रेडिट स्रोत: pixabay.com

हिंदू धर्म में तुलसा जी की पूजा को बेहद शुभ माना जाता है। बहुत से लोग अपने दिन की शुरुआत तुलसा माता की पूजा करके करते हैं। लेकिन मान्यता है कि तुलसी पूजन के दिन तुलसा जी की पूजा करने से भक्तों को विशेष फल की प्राप्ति होती है और उनकी हर मनोकामना पूरी होती है. इस बार कल यानी 25 दिसंबर को तुलसी पूजन दिवस मनाया जा रहा है. मान्यता है कि मां तुलसी की पूजा से धन, सुख, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। चूँकि माँ तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं इसलिए इनकी पूजा करने से भगवान विष्णु भी प्रसन्न होते हैं। आइए जानते हैं तुलसी पूजन के दिन कैसे करें पूजा और क्या है इसका धार्मिक महत्व।

तुलसी पूजन विधि

तुलसी पूजन के दिन सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, इसके बाद तुलसी के पौधे पर जल चढ़ाएं। जल के बाद तुलसी माता के पत्तों पर नारंगी रंग का सिंदूर लगाएं और चुनरी भी चढ़ाएं। संभव हो तो पूजा के बाद तुलसी की माला का जाप करें। शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाकर रखें। ऐसा माना जाता है कि जो भक्त सच्ची श्रद्धा और लगन से उनकी पूजा करते हैं, उन पर भी देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा होती है।

तुलसी पूजा का महत्व

हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि तुलसी पूजा के बिना कोई भी कार्य अधूरा माना जाता है। क्योंकि मां तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं इसलिए भोग लगाते समय तुलसी के पत्तों का प्रयोग अवश्य करें। तुलसी की मात्रा को बहुत ही पवित्र माना जाता है इसलिए कोशिश करें कि अपने घर में तुलसी का पौधा लगाएं। माना जाता है कि इस पौधे को घर के आंगन में लगाने से घर में सुख-शांति आती है और अपार लाभ भी होता है।

(यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और लोक मान्यताओं पर आधारित है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसे आम जनहित को ध्यान में रखते हुए यहां प्रस्तुत किया गया है।)

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