Shani transit 2023 shani dev never trouble these zodiac signs during Shani Sade Sati impact | शनिदेव इन राशि वालों को कभी नहीं पहुंचाते ज्यादा कष्ट, साढ़ेसाती रहने पर भी रहते हैं मेहरबान

ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव की साढ़े साती बहुत कष्टदायक मानी गई है। जानिए किन 5 राशियों पर साढ़े 12 राशियों में साढ़े साती होने पर भी शनि देव कृपा करते हैं।

इन राशि के जातकों को शनिदेव कभी ज्यादा कष्ट नहीं देते हैं, साढ़े साती में भी कृपालु रहते हैं।

इन राशि के जातकों को शनिदेव कभी ज्यादा कष्ट नहीं देते हैं, साढ़े साती में भी कृपालु रहते हैं।

शनि देव : शनिदेव का नाम आते ही लोग परेशान हो जाते हैं, जिन्हें स्वयं भगवान भोलेनाथ ने दंडाधिकारी नियुक्त किया है। शनि देव शुभ ग्रह हैं। यह लोगों को उनके कर्मों के अनुसार शुभ और अशुभ फल देता है। ज्योतिष में शनि का विशेष महत्व है। जिनकी कुंडली में शनि देव अशुभ जातक घर में बैठते हैं, इन्हें जीवन में तरह-तरह की परेशानियां आती हैं। यदि कुंडली में शनि की दशा ठीक नहीं है तो जातक का राजसत्ता, वैभव और धन सब नष्ट हो जाता है। वहीं यदि किसी जातक की कुंडली में शनि अच्छे भाव में हो तो साधारण व्यक्ति भी उच्च पद पर पदोन्नत हो सकता है। ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव की साढ़े साती बहुत कष्टदायक मानी गई है। जिन जातकों के जीवन में साढ़ेसाती होती है उन्हें आर्थिक हानि, गंभीर रोग और नाना प्रकार के कष्टों का सामना करना पड़ता है। लेकिन शनिदेव सभी को उतना कष्ट नहीं देते हैं। सभी 12 राशियों में शनिदेव 5 राशियों के जातकों पर विशेष कृपा करते हैं।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार शनि देव को दो राशियों का स्वामी माना गया है। शनि देव मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं। ये दोनों ही राशियां शनिदेव को अत्यंत प्रिय हैं। ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को छोड़कर सभी ग्रहों का किसी न किसी राशि पर स्वामित्व होता है। जिन ग्रहों को राशि का स्वामित्व प्राप्त है, वे ग्रह उन राशियों पर विशेष कृपा करते हैं। मकर और कुंभ राशि के अलावा कुछ अन्य राशियों पर भी शनि देव कृपा करते हैं। शनि की साढ़े साती साढ़े-साढ़ी साढ़े-साढ़ी की साढ़े साती करती है इन राशियों पर नहीं पड़ेगा असर इन राशियों पर शनिदेव की सदैव बनी रहती है शुभ दृष्टि!

शनि देव की 5 पसंदीदा राशियां कौन सी हैं?

पहला मकर

मकर राशि के स्वामी शनिदेव हैं। मकर राशि शनिदेव की प्रिय राशियों में से एक है। जब भी शनि की साढ़े साती साढ़े साती साढ़े साती मकर राशि में साढ़े साती साढ़े साती लग रही हो तो शनिदेव जातकों को अधिक कष्ट नहीं देते हैं। यह राशि। मकर राशि पर शनि की शुभ दृष्टि होने पर इस राशि के जातकों को सर्वाधिक शुभ फल प्राप्त होते हैं। मकर राशि के जातकों पर शनिदेव की कृपा सदैव बनी रहती है।

दूसरा कुंभ

मकर राशि के अलावा शनि देव कुंभ राशि के स्वामी भी हैं। कुंभ राशि पर शनिदेव की विशेष कृपा बनी रहती है। शनिदेव की कृपा से इस राशि के जातकों को कभी भी आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। कुंभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती की पीड़ा अधिक नहीं रहती है।

तीसरा तुला

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तुला राशि शनिदेव की उच्च राशि है। तुला राशि में शनिदेव सदैव शुभ फल देते हैं। यदि शेष ग्रह तुला राशि में अनुकूल हों तो शनिदेव सभी प्रकार के सुख प्रदान करते हैं। तुला राशि में शनि की साढ़े साती होने पर इस राशि के जातकों को अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।

चौथा धनु

धनु राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति ग्रह हैं। शनि और गुरु दोनों आपस में मित्रता का भाव रखते हैं। इसी वजह से धनु राशि के जातकों पर शनि देव की विशेष कृपा होती है। धनु राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या अधिक कष्ट नहीं देती। शुभ स्थिति में शनि देव धनु राशि के जातकों को अपार धन और सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं।

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पांचवां वृषभ

शुक्र वृष राशि का स्वामी ग्रह है और शनि देव शुक्र की राशि में योग कारक माने जाते हैं। इस कारण वृष राशि के जातकों को शनिदेव ज्यादा कष्ट नहीं देते हैं।

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