Kaal bhairav Ashtami 2022 ki puja kaise kare Mantra Shubh Muhurt in Hindi | आज है भगवान काल भैरव की जयंती, जानें पूजा विधि और मंत्र सिर्फ एक क्लिक में…

हिंदू धर्म में भगवान काल भैरव को सभी प्रकार के भय और शत्रुओं पर विजय दिलाने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है। आज उनकी जयंती पर किसी भी पूजा और मंत्र से मिलेगा मनचाहा वरदान, जानने के लिए इस लेख को जरूर पढ़ें।

आज है भगवान काल भैरव की जयंती, जानिए पूजा विधि और मंत्र बस एक क्लिक में...

काल भैरव जयंती की पूजा विधि और धार्मिक महत्व

काल भैरव जयंती 2022 पूजा विधि: सनातन परंपरा में भगवान काल भैरव को देवों के देव यानी भगवान शिव का रुद्र अवतार माना जाता है। जिनके पूजन के लिए प्रत्येक सप्ताह के रविवार और मार्गशीर्ष या कहें अगहन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को अति शुभ फलदायी माना जाता है। हिंदू धर्म में अगहन मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली अष्टमी को भगवान काल भैरव के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी शुभ तिथि पर भगवान भैरव प्रकट हुए थे। मान्यता है कि इस दिन अगर भगवान भैरव की पूजा विधि-विधान से की जाए तो बड़ी से बड़ी विपदा पलक झपकते ही दूर हो जाती है और मनोकामना पूरी होती है। आइए आज भगवान काल भैरव जयंती के बारे में विस्तार से जानते हैं, उनकी पूजा विधि, मंत्र और उनसे प्राप्त होने वाले लाभों के बारे में।

कब करें काल भैरव की पूजा

भगवान भैरव की साधना के लिए रात्रि की साधना सर्वोत्तम मानी गई है। हालांकि आज आप अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी भगवान भैरव की पूजा कर सकते हैं, क्योंकि अगहन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को आज पूरा दिन रहेगा. प्रदोष काल में भगवान भैरव की पूजा भी बहुत शुभ और फलदायी मानी जाती है।

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भगवान भैरव की पूजा का चमत्कारी मंत्र

  • ‘ॐ भैरवाय नमः’
  • ‘ॐ कालभैरवाय नमः’
  • ‘ॐ भयहरणं च भैरवः’
  • ‘ओम ब्रह्म काल भैरवई फट’

भगवान कालभैरव की पूजा करने के अचूक उपाय

  1. भगवान भैरव की कृपा पाने के लिए आज उनके मंदिर जाएं और उनकी पूजा करें।
  2. आज के दिन भगवान काल भैरव की कृपा पाने के लिए उनकी सवारी यानी कुत्ते को रोटी विशेष रूप से खिलाएं। हो सके तो यह उपाय किसी काले कुत्ते को खिला दें।
  3. भगवान कालभैरव की जयंती पर उनसे मनचाहा आशीर्वाद पाने के लिए सरसों के तेल का दीपक जलाएं और फूल, फल आदि चढ़ाएं और श्रीकालभैरवाष्टकम का पाठ करें।
  4. अगर आपको भगवान भैरव का मंदिर नहीं मिल रहा है तो आप भगवान शिव के मूल रूप में उनके मंदिर जाएं और बेलपत्र पर ॐ नमः शिवाय मंत्र लिखकर श्रद्धा और विश्वास के साथ महादेव को अर्पित करें। माना जाता है कि इस उपाय को करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

(यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और लोक मान्यताओं पर आधारित है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसे आम जनहित को ध्यान में रखते हुए यहां प्रस्तुत किया गया है।)

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