Great Motivational Thoughts Messages and Quotes on Luck in Hindi | कर्म के साथ आखिर भाग्य का होना कितना जरूरी है, पढ़ें सफलता के 5 मंत्र

जीवन में व्यक्ति की सफलता और असफलता में कर्म के साथ-साथ भाग्य की क्या भूमिका होती है, यह जानने के लिए सफलता के मंत्र अवश्य पढ़ें।

कर्म के साथ भाग्य का होना कितना जरूरी है, पढ़ें सफलता के 5 मंत्र

भाग्य पर प्रेरक उद्धरण

मधुकर मिश्रा

मधुकर मिश्रा

संशोधित किया गया: नवम्बर 07, 2022 | 11:07 पूर्वाह्न




जीवन से जुड़ी हर तरह की खुशियों और सफलता को पाने के लिए हर व्यक्ति अपने स्तर पर काफी प्रयास और मेहनत करता है, लेकिन कभी-कभी उसे यह सफलता आसानी से नहीं मिल पाती है और कई बार काफी मेहनत करने के बाद भी। ऐसे में असफल होने वाला व्यक्ति अक्सर अपनी किस्मत को कोसता है, लेकिन सच तो यह है कि सिर्फ किस्मत के भरोसे रहने से कुछ नहीं होता। स्वामी विवेकानंद कहते हैं कि मृत अतीत जो आपके जीवन से जुड़ा है, उसे दफन कर दें क्योंकि अनंत भविष्य आपके सामने है। हमेशा ध्यान रखें कि हर शब्द, विचार और कर्म आपके भाग्य का निर्माण करते हैं। इस प्रकार मनुष्य के आज किए कर्म कल का भाग्य बन जाते हैं। आइए जानते हैं भाग्य के असली मायने को समझने के लिए जीवन में कर्म से जुड़ी 5 अनमोल बातें।

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  1. जीवन में स्वयं के प्रयासों से प्राप्त सफलता और समृद्धि ही आपका भाग्य है।
  2. जीवन में हर किसी का भाग्य एक न एक बार जरूर उदय होता है, लेकिन यह उस व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह उसका सदुपयोग कैसे करता है।
  3. प्रारब्ध या भाग्य को कोसने से कोई लाभ नहीं है, क्योंकि जीवन में हमें किसी भी प्रकार की असफलता या अपमान के लिए हम स्वयं जिम्मेदार होते हैं।
  4. जीवन में सबसे बुरे समय के लिए हमेशा तैयार रहें, अच्छे से अच्छे की उम्मीद करें और जीवन में जो भी मिले उसे खुशी से स्वीकार करें, यही भाग्यवाद है।
  5. अगर आप किस्मत के भरोसे बैठे रहेंगे तो आपकी किस्मत जरूर सोई रहेगी, लेकिन जैसे ही आप अपना काम करने के लिए उठते हैं, आपका भाग्य जाग जाता है।

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