Ganesh ji 108 Naam Arth Sahit : Hindi & English

 Ganesh Ji 108 Naam: हिंदी & English

Ganesh ji ke 108 Naam Arth Sahit : Hindi & English

सबसे पहला गणेश जी का क्या नाम है ?

ये गणेश जी के प्रसिद्ध नाम है | सबसे पहले गणेश जी को एकदंत के नाम से बुलाया गया था |

1.बालगणपति (Balganpati) : सबसे प्रिय बालक
2. भालचन्द्र (Bhalchander) : जिसके मस्तक पर चंद्रमा हो
3. बुद्धिनाथ (Budhinath) : बुद्धि के भगवान
4. धूम्रवर्ण (Dhumrvaran): धुंए को उड़ाने वाले
5. एकाक्षर (Ekashar): एकल अक्षर
6. एकदन्त (Ekdant): एक दांत वाले
7. गजकर्ण (Gajkaran): हाथी की तरह आंखों वाले
8. गजानन (Gajanan): हाथी के मुख वाले भगवान
9. गजवक्र (Gajvakr): हाथी की सूंड वाले
10. गजवक्त्र (Gajvaktr): हाथी की तरह मुंह है
11. गणाध्यक्ष (Ghan dhyksh) : सभी जनों के मालिक
12. गणपति (Ganpati): सभी गणों के मालिक
13. गौरीसुत (Gaurisut): माता गौरी के बेटे
14. लम्बकर्ण (LambKarn): बड़े कान वाले देव
15. लम्बोदर (Lambodar): बड़े पेट वाले
16. महाबल (Mahabal): अत्यधिक बलशाली
17. महागणपति (Mahaganpati): देवादिदेव
19. मंगलमूर्ति (Mangalmurti): सभी शुभ कार्यों के देव
20. मूषकवाहन (Musk Vahan): जिनका सारथी मूषक है
21. निदीश्वरम (Nidhi Shram): धन और निधि के दाता
22. प्रथमेश्वर (Prathamsewar) : सब के बीच प्रथम आने वाले
23. शूपकर्ण (Shup Karan): बड़े कान वाले देव
24. शुभम (Subham): सभी शुभ कार्यों के प्रभु
25. सिद्धिदाता (Sidhidata): इच्छाओं और अवसरों के स्वामी
26. सिद्दिविनायक (Sidhivinayka) : सफलता के स्वामी
27. सुरेश्वरम (Sureswhram): देवों के देव।
28. वक्रतुण्ड (Vakrtund): घुमावदार सूंड वाले
29. अखूरथ (Akhurath): जिसका सारथी मूषक है
30. अलम्पता (Alapmata): अनन्त देव।
31. अमित (Amit): अतुलनीय प्रभु
32. अनन्तचिदरुपम (Anant Chidrupam): अनंत और व्यक्ति चेतना वाले
33. अवनीश (Awnesh): पूरे विश्व के प्रभु
34. अविघ्न (Avighnam): बाधाएं हरने वाले।
35. भीम (Bhim): विशाल
36. भूपति (Bhupati): धरती के मालिक
37. भुवनपति (Bhuvanpati): देवों के देव।
38. बुद्धिप्रिय (Budhi Priya): ज्ञान के दाता
39. बुद्धिविधाता (Budhi Vidhata): बुद्धि के मालिक
40. चतुर्भुज (Chaturbhuj): चार भुजाओं वाले
41. देवादेव  (Devadev): सभी भगवान में सर्वोपरि
42. देवांतकनाशकारी (Devant KnaSakari): बुराइयों और असुरों के विनाशक
43. देवव्रत (Devvrat): सबकी तपस्या स्वीकार करने वाले
44. देवेन्द्राशिक (DEvendra Shik) : सभी देवताओं की रक्षा करने वाले
45. धार्मिक (Dharmik): दान देने वाले
46. दूर्जा (Durja) : अपराजित देव
47. द्वैमातुर (Dhematur): दो माताओं वाले
48. एकदंष्ट्र (Ekdhrhta): एक दांत वाले
49. ईशानपुत्र (Ishanputr): भगवान शिव के बेटे
50. गदाधर (Gadhadhar): जिनका हथियार गदा है
51. गणाध्यक्षिण (Ganadhyshikna) : सभी पिंडों के नेता
52. गुणिन (Gunin): सभी गुणों के ज्ञानी
53. हरिद्र (Haridr): स्वर्ण के रंग वाले
54. हेरम्ब (Haremb): मां का प्रिय पुत्र
55. कपिल (Kapil): पीले भूरे रंग वाले
56. कवीश (Kavish): कवियों के स्वामी
57. कीर्ति (Kirti) : यश के स्वामी
58. कृपाकर (Kripakar): कृपा करने वाले
59. कृष्णपिंगाश (Krishan Pingaksh): पीली भूरी आंख वाले
60. क्षेमंकरी (Akshem Kari): माफी प्रदान करने वाला
61. क्षिप्रा (Shipra): आराधना के योग्य
62. मनोमय (Manomye): दिल जीतने वाले
63. मृत्युंजय (Mritunjya): मौत को हराने वाले
64. मूढ़ाकरम (Mudhakram): जिनमें खुशी का वास होता है
65. मुक्तिदायी (MuktiDayi): शाश्वत आनंद के दाता
66. नादप्रतिष्ठित (NadPratisith): जिन्हें संगीत से प्यार हो
67. नमस्थेतु (Namestetu): सभी बुराइयों पर विजय प्राप्त करने वाले
68. नन्दन (Nandan): भगवान शिव के पुत्र
69. सिद्धांथ (Sidhant): सफलता और उपलब्धियों के गुरु
70. पीताम्बर (Pitamber): पीले वस्त्र धारण करने वाले
71. प्रमोद (Parmod): आनंद 72. पुरुष : अद्भुत व्यक्तित्व
73. रक्त (Rakt) : लाल रंग के शरीर वाले
74. रुद्रप्रिय (RudrPriya): भगवान शिव के चहेते
75. सर्वदेवात्मन (SarvDevatman): सभी स्वर्गीय प्रसाद के स्वीकर्ता
76) सर्वसिद्धांत (SarvSidhant): कौशल और बुद्धि के दाता
77. सर्वात्मन (Sarantman): ब्रह्मांड की रक्षा करने वाले
78. ओमकार (Omkar): ओम के आकार वाले
79. शशिवर्णम (Sashivarnam): जिनका रंग चंद्रमा को भाता हो
80. शुभगुणकानन (ShubhGunkanan): जो सभी गुणों के गुरु हैं
81. श्वेता (Shweta): जो सफेद रंग के रूप में शुद्ध हैं
82. सिद्धिप्रिय (SidhiPriya): इच्छापूर्ति वाले
83. स्कन्दपूर्वज (SkandPurvaj): भगवान कार्तिकेय के भाई
84. सुमुख (Sumukh): शुभ मुख वाले
85. स्वरूप (Swaroop): सौंदर्य के प्रेमी
86. तरुण (Tarun): जिनकी कोई आयु न हो
87. उद्दण्ड (Udand): शरारती
88. उमापुत्र (Umaputr): पार्वती के पुत्र
89. वरगणपति (Var Ganpati): अवसरों के स्वामी
90. वरप्रद (VarPadr): इच्छाओं और अवसरों के अनुदाता
91. वरदविनायक (Vard Vinayak): सफलता के स्वामी
92. वीरगणपति (Veer Ganpati): वीर प्रभु
93. विद्यावारिधि (Vidha Varidhi): बुद्धि के देव
94. विघ्नहर (Vignhar) : बाधाओं को दूर करने वाले
95. विघ्नहत्र्ता (Vignharta): विघ्न हरने वाले
96. विघ्नविनाशन (VignVinashan) : बाधाओं का अंत करने वाले
97. विघ्नराज (VighnRaaj): सभी बाधाओं के मालिक
98. विघ्नराजेन्द्र (Vighn Rajender): सभी बाधाओं के भगवान
99. विघ्नविनाशाय (Vighn Vinashay): बाधाओं का नाश करने वाले
100. विघ्नेश्वर (Vighnshewar): बाधाओं के हरने वाले भगवान
101. विकट (Vikat): अत्यंत विशाल
102. विनायक (Vinayak): सब के भगवान
103. विश्वमुख (VishavMukh): ब्रह्मांड के गुरु
104. विश्वराजा (Vishav Raja): संसार के स्वामी
105. यज्ञकाय (Yagh Kaya): सभी बलि को स्वीकार करने वाले
106. यशस्कर (Yasheskar): प्रसिद्धि और भाग्य के स्वामी
107. यशस्विन (Yashwin): सबसे प्यारे और लोकप्रिय देव
108. योगाधिप (YogaDhiv): ध्यान के प्रभु

भगवान गणेश के भाई बहन के क्या नाम है ?

गणेश जी को भाई कार्तिकेय व बहन अशोक सुन्दरी ,देवी ज्योति और देवी मनसा है |गणेश जी सभी भाई बहनों में सबसे बड़े है |

भगवान गणेश की पत्नी का क्या नाम है ?

गणेश जी की दो पत्निया है | एक का नाम रिधि व दूसरी का सिधि है |

भगवान गणेश के पुत्र – पुत्री का क्या नाम है ?

माँ संतोषी भगवान गणेश जी की पुत्री है | शुभ और लाभ गणेश जी के पुत्र है |

घर में कितनी गणेश जी की मुर्तिया होनी चाइये ?

गणेश जी की मूर्ति सम संख्या में होनी चाइये अथार्त 2-4-6 |

गणेश जी की कैसे मूर्ति अधिक शुभ होती है ?

पिला और लाल रंग का अधिक महत्व है , पूजा पाठ | पीले रंग की उपासना से सभी मनोकामनाए पूरी होती है | वही लाल रंग हर प्रकार के संकट से हमे बचाता है |

कैसी मूर्ति को घर में नहीं रखना चाइये ?

खंडित मूर्ति किसी भी देवी या देवता की हो उसे तुरंत चलते पानी में विसर्जन कर देना चाइये | ऐसी मूर्ति शुभ नहीं मानी जाति |
यह गणेश जी के प्रसिद्ध नाम अर्थ सहित है | इनके उचारण मात्र से भक्त को गणेश जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है | comment में ॐ गण गणपतये नमः अवश्य लिखे | धन्यवाद |


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