Durga Chalisa

Maa Durga Chalisa

Maa Durga Chalisa 2021

नमो नमो दुर्गे सुख करनी ।

नमो नमो अंबे दुख हरनी ।।

निरंकार है ज्योति तुम्हारी ।

तिहूं लोक फैली उजियारी ।।

शशि ललाट मुख महा विशाला ।

नेत्र लाल भृकुटी विक्राला ।।

रूप मातु को अधिक सुहावे ।

दरश करत जन अति सुख पावे ।।

तुम संसार शक्ति लय कीना ।

पालन हेतु अनधन दीना ।।

अन्नपूर्णा हुई जग पाला ।

तुम ही आदि सुंदरी बाला ।।

प्रल्येकाल सब नासनहारी ।

तुम गौरी शिव शंकर प्यारी ।।

शिव योगी तुम्हरे गुण गावे ।

ब्रह्मा विष्णु तुम्हे नित ध्यावे ।।

रूप सरस्वती को तुम धारा ।

दे सुबुद्धि ऋषि मुनिन उबारा ।।

धरा रूप नरसी को अंबा ।

प्रकट भयी फोड़ी के खंभा ।।

रक्षा करी प्रह्लाद बचायो ।

हिर्नाकुश को स्वर्ग पठायो ।।

लक्ष्मी रूप धरा जग माही ।

श्री नारायण अंग समाहि ।।

क्षीर सिंधु में करत बिलाषा ।

दया सिंधु दीजे मन आशा ।।

हिंगलाज में तुम्हीं भवानी ।

महिमा अमित न जात बखानी ।।

मातंगी अरु धूमावती माता ।

भुवनेश्वरी बगला सुखदाता ।।

श्री भैरव तारा जग तारिणी ।

छीन भाल भाव दुख निवारिणी ।।

केहरी वाहन सो भवानी ।

लांगुर वीर चलत अगवानी ।।

कर में  खप्पर खड़क बिराजे ।

जाको देख काल डर भाजे ।।

सोहे अस्त्र और त्रिशूला ।

जाते उठत शत्रु हिय शूला ।।

नगरकोट में तुम्हीं विराजत ।

तिहूं लोक में डंका बाजत ।।

शुंभ निशुंभ दानव तुम मारे ।

रक्तबीज शंखन संहारे ।।

महिषासुर नृप अति अभिमानी ।

जेही अखभार माही अकलानी ।।

रूप कराल कालिका धारा ।

सेन सहित तुम तीही सहारा ।।

रिकॉर्डर संतन पर जब जब ।

भई सहाय मातु तुम तब तब ।।

अमरपुरी अरु वासब लोका ।

तब महिमा सब रहे अशोका ।।

ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी ।

तुम्हें सदा पूजे नर नारी ।।

हेमा भक्ति से जो यश गावे ।

दुख दरिद्र निकट नहीं आवे ।।

ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई ।

जन्म मरण ताको छुट्टी जाए ।।

जोगी सुरमनी कहत पुकारी ।

योग ना होए बिन शक्ति तुम्हारी ।।

शंकर आचरज तप कीनो ।

काम अरू क्रोध जीति सब लीनो ।।

निशदीन ध्यान धरो शंकर को ।

काहु काल नहिं सुमिरो तुमको ।।

शक्ति रूप को मरम न पायो ।

गई शक्ति तब मन पछताए हो ।।

शरणागत हुई कीर्ति बखानी ।

जय जय जय जगदंबा भवानी ।।

भई प्रसन्न आदि जगदंबा ।

दई शक्ति नहीं किन विलंबा ।।

मोको मातु कष्ट अति घेरो ।

तुम बिन कौन हरे दुख मेरो ।।

आशा तृष्णा निपट सतावे ।

रिपु मूरख मोहि अति डरपावे ।।

शत्रु नाश कीजे महारानी ।

सुमिरो इक्चित तुम्हीं भवानी ।।

कृपा हे मातु दयाला ।

रिद्धि सिद्धि दे करो निहाला ।।

जब लगि जियो दया फल पाऊं।

तुमको यश में सदा सुनाउ ।।

दुर्गा चालीसा जो कोई गावै ।

सब सुख भोग परम पद पावे ।।

देवीदास शरण निज जानी ।

करहु कृपा जगदंब भवानी ।।

|| जय माता दी ||

Durga Chalisa करने के फायदे

  • Durga Chalisa  के पाठ करने से इन्सान को आध्यात्मिक , भोतिक और भावनात्मक खुशी मिलती है | जिससे  मन को शांति मिलती है |
  • दुर्गा चालीसा (durga chalisa) के पाठ से व्यक्ति में पॉजिटिव एनर्जी का संचार होता है |
  • सभी दुखो को निवारण माँ दुर्गा भक्त से खुश होकर करती है |
  • घातक एव असाध्य रोगों को दूर करने की शक्ति दुर्गा चालीसा के पाठ से मिलती है |
  • दुर्गा चालीसा के पाठ नित नियम करने से माँ दुर्गा भक्त को धन , ज्ञान व समृधि का वरदान देती है |

दुर्गा चालीसा का हमारे पुराणिक शास्त्रों में विशेष महत्व है , हमें यह पाठ रोजाना जरुर करने चाइये | माँ दुर्गा की कृपा हम सब पर बनी रहे | जय माता दी | दोस्तों आप भी जय माता दी comment जरुर करे |

Maa Durga Ki Janam katha 
Bhagwan Surya Strotam

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