Chandra Darshan 2022 Significance Puja Vidhi Mantra Upay in Hindi | Chandra Darshan 2022: अगहन अमावस्या के बाद कब होगा चंद्र दर्शन, जानें पूजा विधि एवं महत्व

हर महीने की अमावस्या के बाद चंद्र दर्शन कब होता है और उसकी पूजा विधि और धार्मिक महत्व क्या है, यह जानने के लिए इस लेख को जरूर पढ़ें।

चंद्र दर्शन 2022: अगहन अमावस्या के बाद कब होगा चंद्र दर्शन, जानिए पूजा विधि और महत्व

नवंबर के महीने में कब दिखेगा चंद्र दर्शन

चंद्र दर्शन कहां है: सनातन परंपरा में चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। जिनकी कृपा से व्यक्ति मानसिक रूप से बहुत मजबूत हो जाता है और बड़े से बड़े निर्णय आसानी से ले लेता है वहीं जब व्यक्ति कमजोर होता है तो उसका मन हर समय परेशान रहता है और वह छोटी-छोटी समस्याओं से परेशान रहता है। ऐसे लोग जिनकी कुंडली में चंद्र दोष के कारण परेशानी हो रही है या कोई चंद्र देवता से सुख-सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहता है तो उसे अमावस्या के बाद चंद्रमा के दर्शन करने चाहिए और उसकी विशेष विधि से पूजा करनी चाहिए। पंचांग के अनुसार नवंबर माह में कब होगा चंद्र दर्शन और क्या है इसकी पूजा का महत्व और उपाय, आइए विस्तार से जानते हैं।

नवंबर के महीने में कब होगा चंद्र दर्शन

दिनांक : 25 नवंबर 2022, शुक्रवार

समय : शाम 05:24 से 06:31 तक

कुल अवधि : 01:07 मिनट

चंद्र दर्शन का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में अमावस्या के बाद चांद दिखने का बड़ा धार्मिक महत्व माना गया है। मान्यता है कि चंद्र दर्शन के दिन चंद्र देव की पूजा और उनके मंत्र का जाप करने से साधक को विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि देश के विभिन्न हिस्सों में चंद्र दर्शन को बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। चंद्र देवता के दर्शन 25 नवंबर 2022, शुक्रवार और अगले माह 24 दिसंबर 2022, शनिवार को होंगे। ऐसे में सुख और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए इन तिथियों में चंद्र देव के दर्शन और पूजा अवश्य करें।

दिसंबर के महीने में कब होगा चंद्र दर्शन

दिनांक :24 दिसंबर 2022, शनिवार

समय :शाम 05:30 से 06:22 तक

कुल अवधि :52 मिनट

कैसे करें चंद्र दर्शन की पूजा

चंद्र दर्शन वाले दिन चंद्र देव की पूजा करने के लिए सबसे पहले शाम को स्नान करें और फिर चंद्र देव को दूध और शुद्ध जल अर्पित करें। इसके बाद धूप-दीप आदि से चंद्र देव की पूजा करें और गाय के दूध से बनी खीर का भोग लगाएं। चंद्र देव की कृपा पाने के लिए चंद्र दर्शन की पूजा में उनके मंत्र ‘ॐ सों सोमाय नमः’ या चंद्र गायत्री मंत्र ‘ॐ भूर्भुव: स्व: अमृतांगय विदमहे कलारूपाय धीमहि तन्नो सोमो प्रचोदयात’ अधिक से अधिक जप करें।

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(यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और लोक मान्यताओं पर आधारित है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसे आम जनहित को ध्यान में रखते हुए यहां प्रस्तुत किया गया है।)

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