Chanakya Niti says gyan ka daan is biggest donation everyone should do it | Chanakya Niti के अनुसार कन्या और अन्न जैसे दानों से श्रेष्ठ होता है ये दान

चाणक्य कहते हैं कि भूमि दान, पुत्री दान, वस्त्र दान और अन्नदान बड़ा या अच्छा दान है, जिसके द्वारा हम दूसरों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। यहां हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे हैं।

चाणक्य नीति के अनुसार यह दान कन्या और अन्न दान से श्रेष्ठ है।

चाणक्य नीति के अनुसार यह दान भूमि, कन्या और अन्न दान से श्रेष्ठ है।

छवि क्रेडिट स्रोत: फाइल फोटो

TV9 भारतवर्ष

TV9 भारतवर्ष | द्वारा संपादित: मनीष रेसवाल

संशोधित किया गया: नवम्बर 10, 2022 | 9:52 पूर्वाह्न




आचार्य चाणक्य भारत के उन दिग्गज राजनेताओं में से एक थे, जिन्होंने अपनी एक साधारण सी संतान चंद्रगुप्त मौर्य को पूरी हुकूमत का बादशाह बना दिया। राजनीति और शासन से जुड़े मुद्दों के जानकार चाणक्य ने भी जीवन के बारे में कई अहम बातें कही हैं। उनकी यह बात आज भी सच साबित हो सकती है। चाणक्य द्वारा लिखा गया नैतिकता आज भी लोगों के लिए सफलता का मूल मंत्र साबित हो सकता है। आज भी लोग उन्हें मार्गदर्शन के लिए अपने जीवन में लागू करते हैं। चाणक्य ने अपनी नीति पुस्तक में मैंने दान का विशेष महत्व बताया है। उनके अनुसार दानकर्ता को जीवन में कभी न कभी इसका शुभ लाभ मिलता है। चाणक्य कहते हैं कि भूमि दान, पुत्री दान, वस्त्रदान और अन्नदान इससे बड़ा या इससे बेहतर कोई दान है, जिसके जरिए हम दूसरों की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। यहां हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे हैं।

जानिए चाणक्य के अनुसार कौन सा दान दुनिया में सबसे अच्छा है

  1. आचार्य चाणक्य ही नहीं हिन्दू धर्म के शास्त्रों में भी कहा गया है कि दान करना कितना उत्तम होता है। साथ ही इसे गोपनीय रखना भी जरूरी है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने सामर्थ्य के अनुसार जीवन में दान करते रहना चाहिए।
  2. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि आप भले ही भूमि दान करते हों, वस्त्र दान करते हों, अन्न दान करते हों और अन्य दान करते हों, लेकिन ज्ञान का दान इन सबसे ऊपर है। चाणक्य ने जीवन भर ज्ञान बांटने की नीति अपनाई। यही वजह है कि आज भी लोग इसका फायदा उठा रहे हैं।
  3. चाणक्य नीति के अनुसार विद्या कामधेनु गाय के समान है, जो मनोकामनाओं को पूरा करने से कभी नहीं रुकती। ज्ञान वह धन है जो कभी खर्च नहीं होता। इसे जितना बांटा जाए, यह उतना ही बढ़ता है। ज्ञान की शक्ति में दुनिया को बदलने की क्षमता होती है, इसलिए इसे सभी के साथ साझा करना चाहिए।
  4. चाणक्य कहते हैं कि किसी को भूमि दान, वस्त्र दान करने से कुछ समय के लिए लाभ हो सकता है, लेकिन अगर किसी को ज्ञान बांटने से लाभ होता है तो उसे जीवन भर फल मिलता है। इतना ही नहीं उनकी पीढ़ियां भी इसका फायदा उठाती हैं।
  5. चाणक्य नीति कहती है कि अन्य चीजों का दान करना अच्छी बात है, लेकिन अगर आप ज्ञान का दान करते हैं तो इससे पूरे समाज का भी भला हो सकता है। अपने तक ज्ञान रखना एक प्रकार का पाप है। यदि आप बिना किसी खर्च के किसी का भला करना चाहते हैं तो आपको ज्ञान बांटना चाहिए।

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