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सोने का रत्न होना, खोना और योगा क्यों माना जाता है अशुभ

सोने का रत्न होना, खोना और योगा क्यों माना जाता है अशुभ

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सोना गुमना या चोरी होना अच्छा नहीं होता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोना भी अच्छा नहीं होता।

ज्योतिष : सनातन धर्म में कई सर्वमान्य मान्यताएं प्रचलित हैं। इसी तरह सोने की धातु को पूजनीय और महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसका संबंध माता लक्ष्मी से माना जाता है, इसलिए यह मान्यता है कि जब कोई सोना खरीदा जाता है तो हमेशा शुभ मुहूर्त में ही खरीदना चाहिए। यदि शुभ मुहूर्त में सोना खरीदा जाता है तो वह घर पर लोडता है और व्यक्ति को फलता भी है लेकिन शुभ घड़ी में सोना नहीं खरीदता तो वह ना तो घर पर सामान रखता है और ना ही फलता। इसी तरह यदि सोना खोया जाए, चोरी हो जाए या फिर कहीं से मिले तो उसे शुभ नहीं माना जाएगा। इसके पीछे क्या कारण है आइए जानते हैं भोपाल के रहने वाले ज्योतिष एवं ऋक्सिटेक्स सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से।

सोना का खोना और चोरी होने का मतलब
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार
सोने की धातु खो जाती है या चोरी हो जाती है तो उसे शुभ नहीं माना जाता है क्योंकि सोने की धातु का रंग पीला होता है और ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है कि इसका संबंध देव गुरु बृहस्पति से माना जाता है। बृहस्पति ग्रह संबंध जीवन, धन, संपत्ति और पति का प्रतिनिधित्व करता है, जिसकी वजह से सोना खोया और चोरी अशुभ माना जाता है।

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति ग्रह को परिवार का कारक ग्रह माना जाता है, इसलिए सोना गुमना, चोरी होना अच्छा नहीं होता है। ये स्थिति देव गुरु बृहस्पति की नाखुशियों की वजह से निर्मित होती है। इस तरह की स्थिति में परिवार कलह और दांपत्य जीवन में परेशानियां शुरू हो जाती हैं।

सोने का रास्ता में योग
इसी तरह ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोना योगा भी अच्छा नहीं होता है। सोना खाना और उसे घर पर रखना दोनों अशुभ माना जाता है। यदि मिला हुआ सोना आप घर पर रखते हैं तो बृहस्पति ग्रह का कुप्रभाव शुरू हो जाता है और जीवन में कई तरह की समस्याएं आने लगती हैं।

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क्या करें
यदि आपको रास्ते में पड़ा सोना मिलता है तो उसे घर ना ले जाएं, बल्कि उसे बेचकर उसे मिले को दान कर दें। ऐसा करने से सुख-समृद्धि बनी रहती है और व्यक्ति के मान-सम्मान में बनती है।

टैग: धर्म आस्था, धर्म

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