शनि गोचर 2023: 30 साल बाद शनि कुंभ राशि में प्रवेश, इन जातकों को लाभ होगा

डोमेन्स

शनि एक राशि में साढ़े 7 साल रहते हैं, जिसे ज्योतिष शास्त्र में शनि की साढ़ेसाती कहा जाता है।
शनि देव के कुंभ राशि में आने से मकर, कुंभ और धनु राशि के लोगों को लाभ प्राप्त होगा।

शनि गोचर 2023: हिंदू धर्म शास्त्रों में शनिदेव को न्याय का देवता कहा गया है। शनि लोगों को उनके कर्मों के होश से फल प्रदान करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि देव अगले साल जनवरी 2023 में कुंभ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। साल 2023 में शनि देव 30 साल बाद कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। वर्तमान स्थिति में शनि देव मकर राशि में विराजमान हैं। शनि देव के अपना राशि परिवर्तन करने से कई प्रकार के परिवर्तन अन्य राशियों पर भी देख सकते हैं। आइए जानते हैं भोपालवासी ज्योतिष एवं पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा वे कौन सी राशियां हैं, जिन पर शनि का प्रभाव देखने को मिलेगा।

– यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है और जीवन में शनि से जुड़ी बीमारियां हो रही हैं। तो ऐसे में इन लोगों को गरीब व्यक्तियों और जोड़ों को खाना खिलाना चाहिए, और सामर्थ्य के अनुसार दान देना चाहिए। इसके अलावा शनि मंदिर में जाकर दान पुण्य करें और हनुमान जी के मंत्रों का जाप भी करना शुभ होता है।

-शनि से जुड़ी योजनाओं से लाभान्वित हुए लोगों को पितरों को याद करते हुए पीपल के पेड़ में जल चढ़ाना फायदेमंद है। शनि देव के कुंभ राशि में आने से मकर राशि, कुंभ राशि और धनु राशि के लोगों को लाभ प्राप्त होगा। इन राशि वालों के जो बिगड़ते काम करते हैं, वे काम छोड़ देते हैं और उनकी किस्मत भी उनके साथ हो जाती है।

यह भी पढ़ें – गले में क्यों हैं काला धागा? जानें कि ज्योतिष में क्या महत्वपूर्ण है

-शनि कुंभ राशि में प्रवेश करना कर्क और वृश्चिक राशि के लिए थोड़ा मुश्किल समय ला सकता है। शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करने से कर्क और वृश्चिक राशि वालों को धन के साथ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। शनि की ढैय्या चल रही राशियों को नौकरी में नुकसान मिल सकता है। इसलिए इन सभी राशियों को सावधान रहने की बहुत आवश्यकता है।

यह भी पढ़ें – 7 बिंदुओं में समझें राहु से जुड़े इस रत्न को धारण करने के फायदे

-शनि एक राशि में साढ़े 7 साल रहते हैं। जिसे ज्योतिष शास्त्र में शनि की साढ़ेसाती कहा जाता है। इस समय कुंभ, धनु और मकर राशि में शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंभ राशि में 24 जनवरी साल 2020 को शनि की साढ़ेसाती शुरू हुई थी और 3 जून 2027 को इस राशि को मुक्त करेंगे।

इसके अलावा मकर राशि वालों पर 26 जनवरी साल 2017 से शनि की साढ़ेसाती शुरू हुई, जो कि 29 मार्च 2025 को समाप्त होगी।

टैग: ज्योतिष, धर्म आस्था, शनिदेव

Leave a Reply

error: Content is protected !!