कैसे की Ganesh Ji ने पूरी दुनिया की परिकर्मा

क्या आप जानते हो कि श्री गणेश जी ने पूरी दुनिया की परिक्रमा कैसे पूरी की ?


कैसे की Ganesh Ji ने पूरी दुनिया की परिकर्मा

एक बार सभी देवता किसी मुसीबत में पड़ गए थे ,सभी देव शिव जी की शरण में गए और अपनी परेशानी बताई ,उस समय भगवान शिवजी के साथ गणेश और कार्तिकेय भी वहीं बैठे हुए थे ,
देवताओं को परेशान देख शिवजी ने गणेश और कार्तिकेय से पूछा कि इन परेशान देवताओं की मुश्किलें तुम दोनों में से कौन हल कर सकता है और उनकी मदद कौन कर सकता है |
जब दोनों भाई मदद करने के लिए तैयार हुए तो शिवजी ने उनके सामने एक प्रतियोगिता रखी| इस प्रतियोगिता के मुताबित दोनों भाइयों में जो भी सबसे पहले पृथ्वी की परिक्रमा करके लौटगा वही देवताओं की मुश्किलों में मदद करेंगा श्रीगणेश एवं वेदव्यास
अपने पिताजी शिवजी की बातें सुनकर कार्थिक से अपने सवारी मोर पर बैठकर पृथ्वी की परिक्रमा करने निकल पड़े, लेकिन गणेश जी वही अपनी जगह पर खड़े रह गए और सोचने लगे,कि वह मूषक की मदद से पूरी पृथ्वी की परिक्रमा कैसे लगा पाएगे इसमें तो वर्षो बीत जाएँगे,
तो उसी वक्त उनके मन में एक उपाय सुझा और अपने पिता शिव और माता पार्वती के नजदीक आए और उनकी सात बार परिक्रमा करके वापस अपनी जगह पर खड़े हो गए
कुछ समय बाद जब कार्तिकेय पृथ्वी की परिक्रमा पूरी कर के लोटे तो स्वयं को विजेता कहने लगे |
तभी भगवान शिव ने गणेश जी की ओर देखा और उनसे पूछा कि क्यों गणेश तुम क्यों पृथ्वी की परिक्रमा करने क्यों नहीं गए| इस पर गणेश जी ने तपाक से कहा कि माता-पिता में ही तो पूरा संसार है ,चाहे ने पृथ्वी की परिक्रमा करो या अपने माता-पिता एक ही तो बात है|
यह सुन कर शिव जी बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने गणेश जी को सभी देवताओं की मुश्किलें दूर करने की आज्ञा दे दी ,इसके साथ ही भगवान शिव ने गणेश जी यह आशीर्वाद दिया कि जो भी कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर जो भी व्यक्ति तुम्हारी पूजा और व्रत करेगा उसके सभी दुख दूर हो जाएंगे और सभी सुखों की प्राप्ति होगी | इस प्रकार Ganesh ji इतनी छोटे होते हुए भी कितने समझदार थे | ऐसी मान्यता है , की जो गणेश जी को सचे दिल से याद करता है , गणेश जी उनके साथ हमेशा रहते है |
Ganesh Ji के वैसे तो अनेको नाम है , परन्तु ये 12 नाम प्रमुख है |
सुमुख

एकदंत

कपिल

गजकर्णक

लम्बोदर

विकट

विग्न – नाश

विनायक

धूम्रकेतु

गणाध्यक्ष

भालचंदर

गजानन

ज्योतिषी में गणेश जी को केतु के रूप में माना जाता है | धन्यवाद दोस्तों आप अपना प्यार और आशीर्वाद जरुर बनाए रखे | comment में जय गणेश जरुर लिखे |
|| ॐ गण गणपतये नमः ||


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