किस वरदान की वजह से पूजे जाते हैं सांप?  शास्त्रों में यह बात कही गई है

किस वरदान की वजह से पूजे जाते हैं सांप? शास्त्रों में यह बात कही गई है

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हिंदू धर्म में नाग को देवता का रूप माना जाता है।
शास्त्रों में नागों की पूजा का महत्व बताया गया है।
नागों की पूजा के पीछे श्रीकृष्ण से औषध रहस्य है।

नाग पूजा: हिंदू धर्म में देवता के साथ ही जीव-जंतु की भी पूजा की जाती है। हिंदू धर्म में गाय, कछुआ, नाग आदि को पूजनीय माना जाता है। ग्रंथों के पुराणों में इन सभी की पूजा का महत्व बताया गया है। सांपों का संबंध भगवान शिव से माना जाता है। वहीं, गायों का संबंध भगवान श्रीकृष्ण से माना जाता है। ऐसे ही अन्य शक्स को भी किसी ना किसी देवता से जोड़ा गया है। हर साल नाग पंचमी पर नागों की विशेष पूजा का विधान है। आइए जानते हैं सांपों की पूजा का क्या महत्व है।

सांपों का महत्व
पंडित इंद्रमणि घनस्याल बोल रहे हैं कि कई युगों से ही नाग वंश का नाम चल रहा है। खतरनाक सनातन धर्म में बहुत सारे सांप हो गए हैं। सांपों में सबसे श्रेष्ठनाग माना जाता है। शेषनाग को अनंतनाग के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार शेषनाग के फन पर हमारी ही पृथ्वी टिकी हुई है। भगवान शिव अपने गले में नाग धारण करते हैं, इसलिए सांपों को पूजनीय माना जाता है।

श्रीकृष्ण ने दिया था वरदान
पौराणिक कथा के अनुसार एक समय यमुना नदी में कालिया नाम का नाग आकर रहने लगा। कालिया नाग के जहर के कारण पूरी यमुना नदी में जहर फैल गया। जिसके कारण विषैला जल पीने से कई लोग और जानवर मर गए। एक दिन श्री कृष्ण अपने मित्रों के साथ खेल रहे थे। खेलने के समय उनकी गेंद यमुना नदी में गिर गई। तब श्री कृष्ण उस गेंद को लेकर यमुना नदी में गए। तब कालिया नाग की पत्नी ने श्री कृष्ण से कहा कि हे बालक तुम यहां से चले गए। नहीं तो मेरा पति जाग जाएगा और मर जाएगा। इतने ही देर में कालिया नाग जाग गया।

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इसके बाद कालिया नाग और श्री कृष्ण के बीच भयंकर युद्ध हुआ। युद्ध के दौरान जब कालिया नाग हार गया तब श्री कृष्ण ने कालिया नाग के फन पर नृत्य करना शुरू कर दिया। तब कालिया नाग ने श्री कृष्ण से जो जोई और याया नदी से सारा जहर दिया और यमुना नदी छोड़कर जाने की बात कही। तब श्री कृष्ण ने प्रसन्न होकर कालिया नाग से कहा कि आज के दिन पूरा सांप जल जाएगा। उस दिन श्रावण मास की शुक्ल पंचमी थी। श्रीकृष्ण के इस वरदान के कारण नाग पंचमी के दिन सांपों की विशेष पूजा की जाती है।

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